Cryptocurrency: हैकर्स ने करीब 10 करोड़ डॉलर के Binance Coin की चोरी की, क्रिप्टो निवेशकों को बड़ा झटका

Cryptocurrency Hacked: बिनांस के को-फाउंडर चैंगपेंग सीजेड झाओ ने जानकारी दी है कि हैकर्स ने करीब 10 करोड़ डॉलर के बिनांस कॉइन की चोरी कर ली है. इस बात की जानकारी आज सुबह एक ट्वीट के माध्यम से दी गई.

By: ABP Live | Updated at : 07 Oct 2022 02:26 PM (IST)

Edited By: Meenakshi

प्रतीकात्मक तस्वीर ( Image Source : Kanchanara/Unsplash )

Cryptocurrency Hacked: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिनांस पर हैकर्स ने हमला बोलकर करीब 824 करोड़ रुपये की भारी-भरकम चोरी कर ली है. ये चोरी क्रिप्टोकरेंसी बिनांस कॉइन के चोरी होने के रूप में सामने आई है. शुक्रवार की सुबह-सुबह क्रिप्टोकरेंसी मार्केट को इस करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज झटके का सामना करना पड़ा जिसके बाद क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार पर निगेटिव असर देखा गया.

बिनांस के को-फाउंडर ने किया ट्वीट
बिनांस के को-फाउंडर चैंगपेंग सीजेड झाओ ने जानकारी दी है कि हैकर्स ने करीब 10 करोड़ डॉलर के बिनांस कॉइन की चोरी कर ली है. इस बात की जानकारी आज सुबह एक ट्वीट के माध्यम से दी गई. झाओ सिंगापुर में रहते हैं.

10 करोड़ डॉलर के बिनांस कॉइन की चोरी हुई
दरअसल हैकर्स ने बिनांस और ब्लॉकचेन को जोड़ने वाले ब्रिज पर साइबर अटैक किया और 100 मिलियन या 10 करोड़ डॉलर के बिनांस कॉइन की चोरी की. इस डिजिटल चोरी में करीब 10 से 11 करोड़ डॉलर के डिजिटल टोकन हैकर्स ने हथिया लिए. हालांकि बिनांस की ब्लॉकचेन BNB के प्रवक्ता की ओर से इसके बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा गया कि जितनी क्रिप्टोकरेंसी की चोरी हुई उसमें से 70 लाख डॉलर को फ्रीज कर दिया गया है.

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BSC Token Hub को किया गया बंद
बिनांस की ब्लॉकचेन BNB के प्रवक्ता ने कहा कि क्रिप्टो एक्सचेंज और ब्लॉकचेन के बीच के ब्रिज बीएससी टोकन हब को फिलहाल बंद कर दिया गया है. बिनांस के को-फाउंडर चैंगपेंग सीजेड झाओ ने ट्विटर पर ये भी कहा कि समस्या अब समाहित है और आपके फंड सुरक्षित हैं. असुविधा के लिए हम माफी चाहते हैं और समय समय पर और अपडेट प्रदान करेंगे.

तीसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी बाजार को 428 मिलियन डॉलर तक का नुकसान
दुनिया में तीसरी तिमाही में क्रिप्टोकरेंसी बाजार को 428 मिलियन डॉलर तक का नुकसान देखा गया है. एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. बग बाउंटी प्लेटफॉर्म इम्यूनफी द्वारा क्रिप्टो नुकसान के विश्लेषण में पाया गया कि 2022 की तीसरी तिमाही में धोखाधड़ी का कुल नुकसान का केवल 7 प्रतिशत है, जबकि हैकर्स का 93 प्रतिशत हिस्सा है.

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Published at : 07 Oct 2022 02:24 PM (IST) Tags: Cryptocurrency hacking Binance Coin crypto Crypto stolen हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

क्रिप्टोकरेंसी पर निवेश करना पड़ा महंगा: विदेशी लड़की ने 2.09 करोड़ रुपये ठगे, ऐसे खुला पानीपत का यह मामला

अकुल ने कहा कि बार-बार रुपये मांगने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने अपने पिता से पूरे मामले के बारे में बताया। पिता ने कहा कि उसके साथ करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज ठगी हुई है। अकुल ने पिता के साथ मिलकर साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्रिप्टोकरेंसी

हरियाणा के पानीपत में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 2.09 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यहां मॉडल टाउन निवासी युवक से विदेशी लड़की ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया और करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। युवक ने पहले निवेश पर 375 रुपये का फायदा हुआ तो उसने 1.22 करोड की रकम निवेश कर दी।

इस पर उसको 4.70 करोड़ का प्रॉफिट हुआ लेकिन वह खाते में ट्रांसफर नहीं हुआ। ट्रांसफर से पहले युवक से 1.30 करोड़ का टैक्स मांगा गया। युवक ने 80 लाख रुपये टैक्स दिया लेकिन फिर भी रुपये खाते में नहीं पहुंचे। आरोपी ने और रुपयों की मांग की तो उसे ठगी का अहसास हुआ और पिता के साथ मिलकर पुलिस को शिकायत दी।

साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में मॉडल टाउन निवासी अकुल ने बताया कि उसकी 14 जुलाई 2022 को इंस्टाग्राम पर आइलीन नामक महिला से बातचीत हुई। बातचीत के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। फोन पर हुई बातचीत के दौरान महिला ने उसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने को कहा।

युवती ने निवेश के लिए व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद ऐप स्टोर से कॉइनबेस एप डाउनलोड की। आइलीन ने उसे ऐप के इस्तेमाल के बारे में बताया। अकुल ने ऐप के जरिए 23 जुलाई 2022 को 8500 रुपये का निवेश किया। इस पर उसे 8875 रुपये का लाभ मिला, जो खाते में भी आ गया।

अकुल ने बताया कि 26 जुलाई 2022 को उसने 99852 रुपये का और निवेश किया। आइलीन के कहने पर उसने अलग-अलग बैंक खाते, पेटीएम अकाउंट से रुपये ट्रांसफर किए। उसने करीब एक करोड़ 22 लाख रुपये का निवेश किया। जब वह राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने लगा तो उसे चार करोड़ 70 लाख रुपये का लाभ दिखाया। साथ ही टैक्स पेय करने का नोटिस भेजा। उस टैक्स की रकम एक करोड़ 30 लाख रुपये थी। इस एवज में उसने 86 लाख रुपये आइलीन के खाते में जमा करवा दिया। इसके बाद कहा गया कि जब तक पूरा टैक्स नहीं भरोगे तब तक पैसा वापस नहीं मिलेगा।

ठगी का अहसास होने पर पिता को बताई आपबीती
अकुल ने कहा कि बार-बार रुपये मांगने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने अपने पिता से पूरे मामले के बारे में बताया। पिता ने कहा कि उसके साथ ठगी हुई है। अकुल ने पिता के साथ मिलकर साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

विस्तार

हरियाणा के पानीपत में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 2.09 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यहां मॉडल टाउन निवासी युवक से विदेशी लड़की ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया और करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। युवक ने पहले निवेश पर 375 रुपये का फायदा हुआ तो उसने 1.22 करोड की रकम निवेश कर दी।

इस पर उसको 4.70 करोड़ का प्रॉफिट हुआ लेकिन वह खाते में ट्रांसफर नहीं हुआ। ट्रांसफर से पहले युवक से 1.30 करोड़ का टैक्स मांगा गया। युवक ने 80 लाख रुपये टैक्स दिया लेकिन फिर भी रुपये खाते में नहीं पहुंचे। आरोपी ने और रुपयों की मांग की तो उसे ठगी का अहसास हुआ और पिता के साथ मिलकर पुलिस को शिकायत दी।

साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में मॉडल टाउन निवासी अकुल ने बताया कि उसकी 14 जुलाई 2022 को इंस्टाग्राम पर आइलीन नामक महिला से बातचीत हुई। बातचीत के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। फोन पर हुई बातचीत के दौरान महिला ने उसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने को कहा।

युवती ने निवेश के लिए व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद ऐप स्टोर से कॉइनबेस एप डाउनलोड की। आइलीन ने उसे ऐप के इस्तेमाल के बारे में बताया। अकुल ने ऐप के जरिए 23 जुलाई 2022 को 8500 रुपये का निवेश किया। इस पर उसे 8875 रुपये का लाभ मिला, जो खाते में भी आ गया।

अकुल ने बताया कि 26 जुलाई 2022 को उसने 99852 रुपये का और निवेश किया। आइलीन के कहने पर उसने अलग-अलग बैंक खाते, पेटीएम अकाउंट से रुपये ट्रांसफर किए। उसने करीब एक करोड़ 22 लाख रुपये का निवेश किया। जब वह राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने लगा तो उसे चार करोड़ 70 लाख रुपये का लाभ दिखाया। साथ ही टैक्स पेय करने का नोटिस भेजा। उस टैक्स की रकम एक करोड़ 30 लाख रुपये थी। इस एवज में उसने 86 लाख रुपये आइलीन के खाते में जमा करवा दिया। इसके बाद कहा गया कि जब तक पूरा टैक्स नहीं भरोगे तब तक पैसा वापस नहीं मिलेगा।

ठगी का अहसास होने पर पिता को बताई आपबीती
अकुल ने कहा कि बार-बार रुपये मांगने पर उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने अपने पिता से पूरे मामले के बारे में बताया। पिता ने कहा कि उसके साथ ठगी हुई है। अकुल ने पिता के साथ मिलकर साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्रिप्टोकरेंसी रखने वाले सावधान, नॉर्थ कोरिया के हैकरों ने उड़ाए 16,000 करोड़

चेनलिसिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप ने इस साल लगभग 1 बिलियन डॉलर या 8,000 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चुराई है. ये सभी चोरी DeFi प्रोटोकॉल से की गई है जो कि सबसे आसान निशाना बनता है.

क्रिप्टोकरेंसी रखने वाले सावधान, नॉर्थ कोरिया के हैकरों ने उड़ाए 16,000 करोड़

क्रिप्टोकरेंसी की हैकिंग में बड़ा उछाल देखा जा रहा है. हैकिंग की घटना में 60 परसेंट तक बढ़ोतरी हुई है. यह आंकड़ा इस साल के शुरुआती 7 महीने के हैं. हैकिंग में 1.9 बिलियन डॉलर (लगभग 16000 करोड़ रुपये) की चपत लगी है. डी-सेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोटोकॉल के फंड से चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली है. यह रिपोर्ट ब्लॉकचेन एनालिसिस फर्म चेनलिसिस ने मंगलवार को जारी की है. पिछले साल इसी अवधि में हैकरों ने 1.2 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी की चोरी की थी. यानी एक साल में ऐसी वारदातों में लगभग दोगुने की बढ़ोतरी देखी गई है.

यह चोरी DeFi एप्लिकेशन में की करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज गई है. इस एप्लिकेशन का अधिकांश काम इथीरियम ब्लॉकचेन पर चलता है. यह एप्लिकेशन एक फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म है जहां बैंकों से इतर क्रिप्टोकरेंसी की खरीदारी होती है. चेनलिसिस की रिपोर्ट बताती है कि चोरी की ऐसी घटनाओं में बहुत जल्द कोई सुधार दिखने वाला नहीं है और न ही इसे बहुत जल्द रोका जा सकेगा. 190 मिलियन डॉलर के क्रॉस चेन ब्रिज नोमैड और 5 मिलियन डॉलर के सोलाना वॉलेट की हैकिंग केलव अगस्त के पहले हफ्ते में हुई है.

क्यों हो रही क्रिप्टो की चोरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि DeFi प्रोटोकॉल में क्रिप्टो की चोरी आशंका सबसे अधिक बनी रहती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसका ओपन सोर्स कोड होता है जिसे आसानी से पढ़ा जा सकता है. साइबर अपराधी इसी बात का फायदा उठाकर क्रिप्टोकरेंसी की आसानी से हैकिंग कर लेते हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हैकिंग की घटना उत्तर कोरिया के ‘बैड एक्टर्स’ (हैकिंग करने वाले चोर) सबसे अधिक करते हैं और इसमें खास तौर पर इलिट हैकिंग यूनिट जैसे कि लेजारूस ग्रुप शामिल है.

उत्तर कोरिया का आतंक

चेनलिसिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप ने इस साल लगभग 1 बिलियन डॉलर या 8,000 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चुराई है. ये सभी चोरी DeFi प्रोटोकॉल से की गई है. इस जुलाई महीने तक चोरी की घटना में कुछ कमी देखी गई क्योंकि डिजिटल एसेट के दाम में गिरावट दर्ज की जा रही थी. ब्लॉकचैन इंटेलिजेंस फर्म चेनलिसिस ने जुलाई के दौरान 65% की तेज गिरावट देखी. जुलाई तक कुल घोटाला $1.6 बिलियन डॉलर का था, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में लगभग $4.46 बिलियन से 65% कम करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज था.

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फ्रॉड या हैकिंग की घटना में कमी की एक वजह ये भी है कि क्रिप्टो में लगातरा गिरावट देखी गई. इसके साथ ही फ्रॉड को रोकने के लिए सरकारों ने सख्त नियम बनाए हैं और निगरानी सिस्टम को फुल मोड पर एक्टिव कर दिया गया है. जनवरी, 2022 तक स्कैम की घटनाओं में कमी देखी गई क्योंकि बिटकॉइन की कीमतें धराशायी हुई थीं. इसकी खरीद-बिक्री कम होने से फ्रॉड घटे. साथ ही क्रिप्टो ट्रांसफर में भी कमी आई जिससे चोरी की घटनाएं कम हुईं.

ऑनलाइन गेमिंग ऐप E-Nuggets के मामले में ED की तलाशी, 22.82 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने ई-नगेट ऑनलाइन गेम धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को तलाशी अभियान चलाया और पीएमएलए, 2002 के तहत 22.82 करोड़ रुपये के बराबर 150.22 बिटकॉइन जब्त किया गया.

ऑनलाइन गेमिंग ऐप E-Nuggets के मामले में ED की तलाशी, 22.82 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी जब्त

कोलकाता में ई-नगेट ऑनलाइनगेम धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने फिर छापेमारी की. एजेंसी का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो करेंसी की तलाशी लिए अभियान चलाया है, जिसमें पीएमएलए, 2002 के तहत 22.82 करोड़ रुपये के बराबर 150.22 बिटकॉइन करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज को फ्रीज कर दिया गया है. बता दें कि दो दिन पहले ई-नगेट ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में आरोपी आमिर खान के एक अन्य सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. आरोपी का नाम विक्रम सिंह गांधी है.

पुलिस ने बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे बेलेघाटा के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी विक्रम पूरे ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में मध्यस्थ का काम करता था.

ईडी ने मारी रेड, जब्त की करोड़ों की क्रिप्टो करेंसी

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के मास्टरमाइंड आमिर के करीबी रुमेन अग्रवाल से पूछताछ कर आरोपी विक्रम के बारे में सारी जानकारी जुटाई थी. पुलिस का यह भी मानना ​​है कि विक्रम के जरिए दो करोड़ रुपये ऑनलाइन निवेश किए गए थे. सूत्रों के मुताबिक करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज आमिर ने विक्रम को कई करोड़ रुपए नकद दिए थे. विक्रम ने वह पैसा आरोपी रुमेन को दे दिया. रुमेन ने बाद में उस पैसे को वापस क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया. विक्रम सिंह से माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर ही ईडी ने यह रेड चलाई थी.

10 करोड़ों रुपए की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज सितंबर को ऑनलाइन गेमिंग ऐप फ्रॉड का हुआ था खुलासा, करोड़ों रुपये हुए थे जब्त

बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 10 सितंबर को मोबाइल गेमिंग ऐप के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए गार्डनरिच के शाही स्टेबल लेन, पार्क स्ट्रीट, मोमिनपुर के बंदर क्षेत्र, न्यूटाउन सहित शहर के छह स्थानों पर छापेमारी शुरू की थी. उस छापेमारी में जांच अधिकारियों ने आमिर के घर के पलंग के नीचे से काफी नकद बरामद हुए थे. आमिर के ठिकाने से कुल 17.32 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे.

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आरोपी आमिर खान को पुलिस ने गाजियाबाद से किया था गिरफ्तार

बाद में आरोपी आमिर को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था. धोखाधड़ी के इस मामले में शामिल सहयोगी रुमेन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बीच केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने रमन अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में आरोप लगे थे कि अमीर खान का दुबई सहित देश के अन्य राज्यों में भी अवैध गेमिंग ऐप का कारोबार फैला हुआ था. इस मामले में ईडी जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी है.

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