BJP ने Delhi में खोखा-खोखा Formula शुरू किया।

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MCD की नूरा कुश्तीः बीजेपी और आप ने लगाए खरीद फरोख्त के आरोप

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बीजेपी और आम आदमी पार्टी में एक दूसरे के पार्षदों और विधायकों को तोड़ने के आरोपों की नूरा कुश्ती फिर शुरू हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आज 10 दिसंबर को आरोप लगाया कि आप उसके जीते हुए पार्षदों को तोड़ने में जुटी हुई है। तो दूसरी तरफ आप के संजय सिंह और दो पार्षदों ने बीजेपी पर ऐसे आरोप लगाए। ऐसे ही आरोप डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एमसीडी चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी पर लगाए थे। राजनीति में नूरा कुश्ती की कहावत वहां दी जाती है, जहां आमतौर पर दिखावटी आरोप लगाए जाते हैं और उसकी एमएसीडी संकेतक समझाया कोई जमीन नहीं होती। उसमें बस आरोप लगा दिए जाते हैं।

एमसीडी चुनाव के दौरान बीजेपी ने आप को बहुत ज्यादा घेरा। आप के विधायक कैश के साथ पकड़े गए। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। मनीष सिसोदिया समेत कई नेता दिल्ली के कथित शराब घोटाले में घिरे। आप सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन अभी भी तिहाड़ में हैं। एमसीडी चुनाव से ठीक पहले आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और केंद्र सरकार उसके विधायकों को खरीदकर सरकार गिराना चाहती है। 25 अगस्त को केजरीवाल ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उनके विधायकों को 20-20 करोड़ का ऑफर दे रही है। ये आरोप एमसीडी चुनाव नतीजे वाले दिन यानी 7 दिसंबर तक जारी रहे। 7 दिसंबर की शाम को मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि बीजेपी उनके जीते हुए काउंसलर्स से संपर्क साध रही है। ऑफर दे रही है।

बीजेपी प्रवक्ता ने आज 10 दिसंबर को ऐसा ही आरोप आम आदमी पार्टी पर लगा दिया। उन्होंने बीजेपी के मंच से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि आप बीजपी के पार्षदों को खरीदना चाहती है। उनसे संपर्क साध रही है। शहजाद पूनावाला ने बताया कि बीजेपी पार्षद डॉ मोनिका पंत से आप की पदाधिकारी और सांसद सुशील गुप्ता की प्रतिनिधि शशि गर्ग ने उनसे संपर्क किया। डॉ मोनिका से मेयर चुनाव में समर्थन मांगा। उन्हें हर तरह का ऑफर दिया गया। उन्होंने खुद को केजरीवाल का प्रतिनिधि बताया। पार्षद मोनिका पंत बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

पार्षद मोनिका पंत ने आज 10 दिसंबर को बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो आरोप आप पर लगाए, उसका वीडियो यहां हम दे रहे हैं। ये वीडियो जानबूझकर बीजेपी के ट्विटर हैंडल से लिया गया है, ताकि किसी को शक न रहे कि इसमें कोई कांट-छांट की गई है। डॉ मोनिका पंत के आरोप आम आदमी पार्टी पर गोलमोल लगाए गए हैं। उन्होंने सबूत पेश नहीं किया। वो सिर्फ शशि गर्ग का नाम लेती हैं जो सार्वजनिक रूप से आप दिल्ली की पदाधिकारी हैं। पार्षद से कोई भी मुलाकात कर सकता है। कोई भी मेयर चुनाव के लिए समर्थन मांग सकता है। डॉ मोनिका पंत ने यह नहीं बताया कि उनको कितना पैसा या किस पद का ऑफर दिया गया था।

आप ने भी लगाया आरोप

आप के तीन पार्षदों ने भी आज शनिवार को आरोप लगाया है कि उन्हें योगेंद्र चंदौलिया नाम के एक व्यक्ति का फोन आया और कहा कि दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष एमएसीडी संकेतक समझाया आदेश गुप्ता बात करना चाहते हैं। वॉर्ड 118 से सीट जीतने वाली डॉक्टर सोनाक्षी के पिता पिंटो ने कहा, उन्होंने पहले 2 करोड़ रुपये की पेशकश की और जब मैंने इनकार कर दिया तो वे 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। हालांकि आम आदमी पार्टी ने भी अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। उसके आरोप भी जुबानी जमा खर्च वाले हैं।

BJP ने Delhi में खोखा-खोखा Formula शुरू किया।

Yogender नाम के व्यक्ति ने AAP पार्षद को Phone कर कहा Delhi BJP अध्यक्ष @adeshguptabjp बात करेंगे

आदेश गुप्ता 10 पार्षद ख़रीदने के लिए 100 Crore का ज़िक्र कर रहे हैं

Police Commissioner इन्हें Arrest कर जांच करें

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी आप के 10 पार्षदों को खरीदना चाहती है और उनके पास पार्षदों को खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट है। आप के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने भी यही आरोप लगाया है।

कांग्रेसी पार्षद घर लौटे

आम आदमी पार्टी को एमसीडी चुनाव में मामूली बहुमत मिला है। कांग्रेस की दो जीती हुई महिला पार्षदों सबीला बेगम और नाजिया खातून ने कल शुक्रवार 9 दिसंबर को आप को समर्थन देने और उसमें शामिल होने की घोषणा की थी। ये लोग कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अली एमएसीडी संकेतक समझाया एमएसीडी संकेतक समझाया मेंहदी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं। लेकिन शुक्रवार रात को दोनों पार्षदों और अली मेंहदी के आवास को उसे क्षेत्र के मतदाताओं ने घेर लिया और इन लोगों से कहा कि उन्होंने कांग्रेस के नाम पर वोट दिया था, आम आदमी पार्टी को वोट नहीं दिया था।

कुल मिलाकर एमसीडी में मेयर का चुनाव होने तक बहुत घिनौनी राजनीति होने जा रही है। बीजेपी और आप दोनों के दूसरे पर सनसनीखेज आरोप लगाकर खुद को नूरा कुश्ती के कैरेक्टर साबित कर रहे हैं। हकीकत में कांग्रेस की दो मुस्लिम पार्षदों ने आप में जाने की घोषणा की थी, वो लौट आई हैं। संकेतों को समझा जा सकता है कि एमसीडी में मेयर की कुर्सी के लिए बड़े-बड़े दांव खेले जा रहे हैं।

दिल्ली में दिवाली से पहले ही बिगड़ेगी आबोहवा, अगले 9 दिन रहना होगा सावधान!

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एमएसीडी संकेतक समझाया 24 घंटे के वायु गुणवत्ता सूचकांक ( Air Quality Index) बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में 154 थी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आर्द्रता 96 से 47 प्रतिशत के बीच रही.

दिल्ली में अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है.

पंकज जैन/aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2022,
  • (अपडेटेड 14 अक्टूबर 2022, 11:54 PM IST)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले ही प्रदूषण (Air Pollution) ने खतरे की घंटी बजा दी है. यहां आने वाले 9 दिनों तक वायु गुणवत्ता खराब रहने वाली है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की वायु गुणवत्ता ( Air Quality) अगले कुछ दिनों में खराब श्रेणी में आने की संभावना जताई है. हालांकि, शुक्रवार को आसमान साफ ​​रहा और हवा की गुणवत्ता मीडिएम कैटेगिरी में दर्ज की गई.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 24 घंटे के वायु गुणवत्ता सूचकांक ( Air Quality Index) बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में 154 थी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आर्द्रता 96 से 47 प्रतिशत के बीच रही.

शनिवार-रविवार को खराब रहेगी हवा की गुणवत्ता

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शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है. IMD के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 32 और 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. मौसम विज्ञान संस्थान ने वायु गुणवत्ता के संबंध में अलर्ट जारी किया. चेतावनी सिस्टम के अनुसार, शनिवार को हवा की गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी ( Poor Category) में और रविवार को खराब श्रेणी में रहने की संभावना है.

18 अक्टूबर से 6 दिन मध्यम से खराब रहेगी वायु गुणवत्ता

17 अक्टूबर को हवा की गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है. इसके अगले छह दिन में मध्यम से खराब श्रेणी में रहने की संभावना है. बता दें कि पिछले हफ्ते दिल्ली में अच्छी बारिश हुई थी, जिससे हवा की गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार हुआ था. हालांकि, ये सुधार ज्यादा दिन तक नहीं रह सका. आने वाले दिनों में दिवाली का त्योहार आ रहा है. ऐसे में आतिशबाजी देखने को मिलेगी.

जानिए वायु गुणवत्ता (AQI) के बारे में

शून्य से 50 के बीच अच्छा (Good)
51 और 100 संतोषजनक (Satisfactory)
101 और 200 मध्यम (Moderate)
201 और 300 खराब (Poor)
301 और 400 बहुत खराब (Very Poor)
401 और 500 गंभीर (Severe)

दिल्ली-NCR में और जहरीली होगी हवा

दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, IIT दिल्ली में वायु गुणवत्ता पर हुई वर्कशॉप में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से जो पराली नहीं जलाई गई, वो अब एक साथ जलाई जाएगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर और गंगा के आसपास के मैदानी इलाकों में तेजी से प्रदूषण बढ़ेगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में 30-70 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है क्योंकि अगली फसल का मौसम तेजी से आ रहा है. इसके लिए पराली सूखते ही किसान इसे जला देंगे. बता दें आईआईटी दिल्ली में 10 और 11 अक्टूबर को एयर क्वालिटी पर हुई वर्कशॉप में कई देशों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया.

वायु प्रदूषण को 70-80% तक कम करते हैं स्मॉग टावर

वहीं, दिल्ली सरकार पॉल्यूशन से निपटने की तैयारी कर रही है. यहां कम लागत वाले स्मॉग टावर बनाने की तकनीक विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है. राज्य सरकार ने पिछले साल दिल्ली में स्मॉग टावर लगाना शुरू किया था. दुनियाभर में चीन ने ऐसे स्मॉग टावरों का इस्तेमाल किया है, लेकिन उसके पास एक अलग तकनीक है. ये नीचे से हवा को सोखता है और ऊपर से छोड़ता है. मिनेसोटा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीक के आधार पर पिछले साल अक्टूबर की बारिश के बाद आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और डीपीसीसी द्वारा एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था. IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और DPCC की टीमें अलग-अलग क्षमता, मौसम और दूरियों पर पंखा चलाकर इस परियोजना की लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि कई रेंज में प्रभाव को समझा जा सके.

पहली स्टडी रिपोर्ट जमा कर दी

IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और DPCC की टीम ने एक साल पूरा होने के बाद पहली स्टडी रिपोर्ट जमा कर दी है. इस रिपोर्ट के अनुसार, इस स्मॉग टावर का औसत प्रदर्शन प्रदूषण को कम करने में 50 मीटर की दूरी तक 70-80% का प्रभाव डाल रहा है। हालांकि, जब दूरी को बढ़ाकर 300 मीटर कर दिया जाता है तो इसका प्रभाव 15-20% कम हो जाता है. स्मॉग टावरों ने 300 मीटर की सीमा तक प्रभाव दिखाया है. कई कारणों से स्मॉग टॉवर उतने प्रभावशाली नहीं हैं.

फाइनल रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेगी सरकार

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने भी शुक्रवार को स्मॉग टॉवर सिटव का दौरा किया. उन्होंने कहा कि चूंकि स्मॉग टावर पहली बार स्थापित किए गए थे, हम अभी भी विभिन्न तकनीकी उपकरणों का उपयोग करने के प्रयोग के चरण में हैं. टीम सभी मुश्किलों को दूर करने में लगी है. चूंकि पायलट प्रोजेक्ट दो साल का है, इसलिए वे एमएसीडी संकेतक समझाया अगले एक साल तक अपना अध्ययन जारी रखेंगे. खासकर आने वाली सर्दियों में जब प्रदूषण अपने चरम पर होगा. इसके बाद टीम फाइनल रिपोर्ट देगी. उस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे निर्णय लेगी.

MCD Elections 2022: BJP पुराने नेताओं पर लगाएगी दांव? कुछ पार्षदों के बदल सकते हैं सीट; तीन चरणों में जारी हो सकती है सूची

2017 के निगम चुनाव में भाजपा ने सभी पार्षदों के टिकट काट दिए थे। पार्टी का दांव सफल रहा और भाजपा ने तीनों निगम में बड़ी जीत हासिल की थी। जीत के लिए पार्टी कुछ पुराने बड़े नेताओं पर भी दांव लगा सकती है

MCD Elections 2022: BJP पुराने नेताओं पर लगाएगी दांव? कुछ पार्षदों के बदल सकते हैं सीट; तीन चरणों में जारी हो सकती है सूची

MCD Elections 2022: निगम चुनावों में अपना किला बचाने में जुटी भाजपा पैनल और सर्वे के मुताबिक अपने प्रत्याशी तय करेगी। सभी वार्डों में भेजे गए ऑब्जर्वर ने तीन-तीन नामों का पैनल प्रदेश कोर कमेटी को सौंप दिया है। अब सर्वे के साथ इनका मिलान कर भाजपा प्रत्याशी तय करेगी। 250 पार्षद प्रत्याशियों के नामों को दो से तीन सूचियों में जारी किया जाएगा। बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक पार्टी कार्यालय पर हुई। भाजपा ने सभी 250 वार्ड में ऑब्जर्वर भेजे थे। इन्होंने स्थानीय संगठन, जनप्रतिनिधियों के आधार पर तीन-तीन प्रत्याशियों का पैनल तैयार किया है। यह पैनल प्रदेश कोर कमेटी को सौंप दिया गया है। अब चुनाव समिति में टिकट पर फैसला होगा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक 11 नवंबर रात तक पार्टी पहली सूची जारी कर सकती एमएसीडी संकेतक समझाया है। इसमे सौ प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है। पैनल के साथ साथ भाजपा टिकट में सर्वे पर भी जोर देगी। सर्वे और संगठन की सहमति के आधार पर जीतने वाले प्रत्याशी पर दांव लगाया जाएगा।

बड़े नेताओं पर लग सकता है दांव
2017 के निगम चुनाव में भाजपा ने सभी पार्षदों के टिकट काट दिए थे। पार्टी का दांव सफल रहा और भाजपा ने तीनों निगम में बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार जीत के लिए पार्टी कुछ पुराने बड़े नेताओं पर भी दांव लगा सकती है। 2012 से 17 के बीच पार्षद रहे कुछ नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।

परिसीमन में फंसे हैं टिकट
कई पार्षदों के टिकट नए परिसीमन में फंस गए हैं। बीते निगम में 272 वार्ड थे। इस बार तीनों निगम को जोड़कर वार्डों की संख्या 250 कर दी गई। इस तरह पिछली बार चुनाव लड़े 22 प्रत्याशी एमएसीडी संकेतक समझाया पहले ही दौड़ से बाहर हो गए। परिसीमन के चलते कई सीटों का गणित बदल गया है। इसके आधार पर भी कई पार्षदों के टिकट काटे जा सकते हैं। कुछ पार्षदों की सीट बदली जाएगी। पार्षद प्रत्याशी की दौड़ में शामिल नेता बड़े नेताओं को साधने में जुटे रहे। सभी अपने अपने हिसाब से जीत का समीकरण समझा रहे हैं।

बता दें कि राजनीतिक दलों को निगम चुनाव में सबसे अधिक खतरा पार्टी के बागियों से रहता है। निगम के 250 वार्ड की तुलना में दावेदारों की संख्या कई गुना अधिक होने से पार्टी को बिना किसी को नाराज किए टिकट की घोषणा करना भी बड़ी चुनौती रहती है। पार्टी अगर जल्दी टिकट की घोषणा करती है तो अन्य दावेदार कई बार नाराज होकर दल बदल लेते हैं या विरोध शुरू कर देते हैं।

MCD Elections 2022: BJP पुराने नेताओं पर लगाएगी दांव? कुछ पार्षदों के बदल सकते हैं सीट; तीन चरणों में जारी हो सकती है सूची

2017 के निगम चुनाव में भाजपा ने सभी पार्षदों के टिकट काट दिए थे। पार्टी का दांव सफल रहा और भाजपा ने तीनों निगम में बड़ी जीत हासिल की थी। जीत के लिए पार्टी कुछ पुराने बड़े नेताओं पर भी दांव लगा सकती है

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पार्टी सूत्रों के मुताबिक 11 नवंबर रात तक पार्टी पहली सूची जारी कर सकती है। इसमे सौ प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है। पैनल के साथ साथ भाजपा टिकट में सर्वे पर भी जोर देगी। सर्वे और संगठन की सहमति के आधार पर जीतने वाले प्रत्याशी पर दांव लगाया जाएगा।

बड़े नेताओं पर लग सकता है दांव
2017 के निगम एमएसीडी संकेतक समझाया चुनाव में भाजपा ने सभी पार्षदों के टिकट काट दिए थे। पार्टी का दांव सफल रहा और भाजपा ने तीनों निगम में बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार एमएसीडी संकेतक समझाया जीत के लिए पार्टी कुछ पुराने बड़े नेताओं पर भी दांव लगा सकती है। 2012 से 17 के बीच पार्षद रहे कुछ नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।

परिसीमन में फंसे हैं टिकट
कई पार्षदों के टिकट नए परिसीमन में फंस गए हैं। बीते निगम में 272 वार्ड थे। इस बार तीनों निगम को जोड़कर वार्डों की संख्या 250 कर दी गई। इस तरह पिछली बार चुनाव लड़े 22 प्रत्याशी पहले ही दौड़ से बाहर हो गए। परिसीमन के चलते कई सीटों का गणित बदल गया है। इसके आधार पर भी कई पार्षदों के टिकट काटे जा सकते हैं। कुछ पार्षदों की सीट बदली जाएगी। पार्षद प्रत्याशी की दौड़ में शामिल नेता बड़े नेताओं को साधने में जुटे रहे। सभी अपने अपने हिसाब से जीत का समीकरण समझा रहे हैं।

बता दें कि राजनीतिक दलों को निगम चुनाव में सबसे अधिक खतरा पार्टी के बागियों से रहता है। निगम के 250 वार्ड की तुलना में दावेदारों की संख्या कई गुना अधिक होने से पार्टी को बिना किसी को नाराज किए टिकट की घोषणा करना भी बड़ी चुनौती रहती है। पार्टी अगर जल्दी टिकट की घोषणा करती है तो अन्य दावेदार कई बार नाराज होकर दल बदल लेते हैं या विरोध शुरू कर देते हैं।

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