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भारत में मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में सब कुछ

मुद्रा बाजार व्यापार में एक अल्पकालिक ऋण निवेश है। इसमें संस्थानों और व्यापारियों के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार शामिल है। मुद्रा बाजार के खुदरा स्तर में मुद्रा बाजार खातों और व्यक्तिगत निवेशकों द्वारा खरीदा गया म्युचुअल फंड व्यापार शामिल है। अल्पकालिक परिपक्वता वाले जारीकर्ता के वित्तीय साधनों का उपयोग पूंजी जुटाने के लिए किया जाता है। उन्हें मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स कहा जाता है। वे ऋण सुरक्षा के रूप में कार्य करते हैं जो निश्चित ब्याज दरों की पेशकश करता है और असुरक्षित है। मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में एक उच्च क्रेडिट रेटिंग होती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि जारीकर्ता अपना पैसा अल्पावधि के लिए पार्क करें और निश्चित रिटर्न अर्जित करें।

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छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका

शेयर बाजारों में हाल के महीनों में जो जबरदस्त उछाल देखी गई है, उससे खुदरा कारोबारी जोश में आ गए हैं और शेयर खरीदने के लिए कर्ज लेने से भी नहीं हिचक रहे हैं। वायदा के जरिये आजकल वे शेयरों पर जमकर दांव खेल रहे हैं। ऐसा आम तौर पर तभी होता है, जब बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हो जाता है।
छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में गतिविधि आजकल बढ़ गई है क्योंकि निवेशकों को लग रहा है कि बड़ी कंपनियों के शेयर अपने चरम पर पहुंच चुके हैं और आगे उनमें तेजी आने की गुंजाइश नहीं बची है। विश्लेषकों का कहना है कि खुदरा निवेशक आमतौर पर छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में रकम लगाते हैं और उनके भाव चढ़ा लेते हैं। जोखिम उठाने में माहिर निवेशक वायदा और विकल्प में दाखिल हो जाते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हासिल हो सके।
मुंबई की एक रिटेल ब्रोकर फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट के प्रमुख (डेरिवेटिव्स) अमित गुप्ता कहते हैं, 'ज्यादा जोखिम लेने की कुव्वत रखने वाले खुदरा और रईस निवेशक शेयर वायदा में लिवाली कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा है कि बाजार में अब और गिरावट नहीं आएगी।' उन्होंने बताया कि इसमें से ज्यादातर रकम मझोली कंपनियों के शेयरों में लगाई गई है।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर आज वायदा स्टॉक में कुल लंबित पोजिशन यानी ओपन इंटरेस्ट (ओआई) की संख्या 223.9 करोड़ शेयर थी, जो 2012 में अभी तक का सबसे ज्यादा दैनिक आंकड़ा है। इस साल कभीकभार ही ऐसा मौका आया है, जब शेयर वायदा के ओआई ने 220 करोड़ का आंकड़ा पार किया है क्योंकि ज्यादातर वक्त तक निवेशकों ने निफ्टी के जरिये कम जोखिम वाले विकल्प सौदों में निवेश करना ही बेहतर समझा है। इसकी वजह रही सूचकांक में तेजी के साथ बढ़ता उतारचढ़ाव, जिसने उन्हें कारोबार के अच्छे खासे मौके मुहैया कराए। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बेंचमार्क सूचकांकों में उतार चढ़ाव एक दायरे के भीतर ही सीमित रहा है। इसकी वजह से कारोबारियों को शेयर वायदा में भी मौके नजर आए हैं। ऐंजल ब्रोकिंग के प्रमुख (डेरिवेटिव्स) सिद्घार्थ भामरे कहते हैं, 'पिछले दो हफ्तों से हमारे पास शेयर वायदा के बारे में काफी पूछताछ की गई है। इतनी ज्यादा पूछताछ पहले कभी नहीं की जाती थी। ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि सूचकांक बढ़त के दौर से गुजर रहे हैं।'
भामरे मानते हैं कि कई निवेशकों को लग रहा है कि अभी तक वे छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका मौका चूक गए थे और बेंचमार्क सूचकांकों में इस साल आई 20 फीसदी उछाल के हिसाब से अच्छा मुनाफा नहीं कमा सके। इसलिए वे शेयर वायदा में जमकर पैसा लगाना चाहते हैं। भामरे ने कहा, 'उनकी तमन्ना है कि शेयरों में जबरदस्त उछाल आए और उनके हाथ अच्छी रकम आ जाए।'
शेयर वायदा निवेशकों को कम वक्त में सामान्य शेयर कारोबार के मुकाबले काफी ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका देता है। दरअसल इसमें उन्हें छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका महज कुछ मार्जिन मनी जमा करनी होती है और उस रकम की 5 गुना कीमत तक के शेयर पर वे दांव खेल सकते हैं। हालांकि इसमें जोखिम भी काफी तगड़ा होता है। इन सौदों में अच्छी खासी सक्रियता देखने को मिल रही है, लेकिन 2007 जैसी हालत अब भी नहीं है, जब निवेशकों ने बाजार के उफान से रकम कमाने के लिए खुल्लमखुल्ला जोखिम उठाया था। हालांकि जनवरी 2008 में जब बाजार बैठा तो उनमें से ज्यादातर निवेशकों का मुनाफा एक ही झटके में धुल गया।
मंझे हुए निवेशक मान रहे हैं कि शेयर वायदा में खुदरा कारोबारियों की आमद का सीधा मतलब है कि बाजार में गिरावट हो सकती है। उनका तर्क है कि खुदरा निवेशक बाजार में तेजी के दौरान आम तौर पर हाथ पर हाथ धरे रहते हैं, लेकिन जिस वक्त बाजार चोटी पर पहुंचता है, उससे ठीक पहले उसमें रकम लगा देते हैं।

धनतेरस: निवेश पर तिगुना रिटर्न पाने का मुहूर्त, कैसे और कहां उठाएं लाभ

धनतेरस के मौके पर आभूषण, सोने-चांदी, शेयर, वाहन और संपत्ति खरीदने में पैसे लगाना फलदाई होता है। इस बार त्रिपुष्कर योग के कारण निवेशकों को तीन गुना रिटर्न मिल सकता है।

धनतेरस

यह सप्ताह निवेशकों और खरीदारों के लिए खास होने वाला है। कल धनतेरस है और 4 नवंबर को दिवाली का शुभ मुहूर्त भी रहेगा। इस धनतेरस पर 19 साल बाद त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो तीन गुना फल देने वाला माना जा रहा है। निवेशकों को इस मुहूर्त का लाभ कैसे और कहां उठाना चाहिए, पूरा गणित समझाती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट—

सोने-चांदी, वाहन व जमीन में लगाएं पैसे
ससेंट कैपिटल के निवेश सलाहकार कार्तिक जावेरी का कहना है कि मंगलवार को धनतेरस के मौके पर आभूषण, सोने-चांदी, शेयर, वाहन और संपत्ति खरीदने में पैसे लगाना फलदाई होता है। इस बार त्रिपुष्कर योग के कारण निवेशकों को तीन गुना रिटर्न मिल सकता है।

ऐसे कई निवेश विकल्प हैं, जो आपको थोड़े समय में ही तीन गुना रिटर्न दिला सकते हैं। इस बार सोना पिछले साल से करीब 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ती है। कोरोना काल में संपत्ति की कीमतें भी ज्यादा नहीं बढ़ी हैं। ऐसे में जमीन या मकान खरीदकर भी पैसे बनाए जा सकते हैं। वाहन कंपनियां भी ग्राहकों को तमाम तरह की छूट दे रही हैं।

6:15से 7:15 बजे शाम तक मुहूर्त ट्रेडिंग होगी बीएसई-एनएसई पर

मुहूर्त कारोबार में कमाई का मौका
रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रहे शेयर बाजार में मुहूर्त कारोबार पर छोटे निवेशक अपने शेयरों के बेहतर दाम पा सकते हैं। इस दौरान बड़े निवेशक नफा-नुकसान की चिंता किए बिना शेयरों की खरीद करते हैं। ऐसे में शेयर निकलने वाले निवेशक अच्छी कीमत पा सकते हैं। इस साल मुहुर्त कारोबार शाम 6.15 से 7.15 बजे तक एक घंटे के लिए होगा। पहला ऑर्डर खरीदारी का दिया जाता है। शेयर बेचने वाले निवेशकों की मांग अधिक रहती है और वे बढ़कर भाव लगा सकते हैं। ऐसे में छोटे निवेशकों के पास शेयर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाने का मौका है।

नए निवेशक करें छोटी शुरुआत. नए निवेशकों के लिए यह सप्ताह बेहतर मौका है। आप हर महीने नियमित तौर एक छोटी राशि निवेश कर बड़ा फंड बना सकते हैं। शुरुआत में आप अपनी आमदनी का 10वां हिस्सा निवेश कर सकते हैं। उसके बाद आमदनी जैसे-जैसे बढ़ती जाए, निवेश को भी बढ़ाते रहें।

डिजिटल गोल्ड. कम पैसे में शुद्ध सोना
डिजिटल गोल्ड में निवेश सबसे सस्ता विकल्प है। इसमें 1 रुपये से भी निवेश शुरू कर सकते हैं और आपको 24 कैरेट शुद्ध सोना मिलेगा। डिजिटल गोल्ड में निवेश पर विक्रेता कंपनी आपके खरीदे गए सोने को लॉकर में रख देती है और आपको निवेश के बदले खरीदारी रसीद दी जाती है। इस सोने पर कीमतों में उतार-चढ़ाव की चिंता भी नहीं रहती है।

मुहूर्त पर ज्यादा रकम दांव पर लगाने से बचें
मुहूर्त कारोबार में सावधानी से निवेश करें। मिडकैप व स्मालकैप का प्रदर्शन बेहतर रहा है। छोटे निवेशक यहां पैसे लगा सकते हैं। निवेश की सोच के साथ बाजार में उतरने पर छोटे निवेशक बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। -बलवंत जैन, निवेश सलाहकार

विस्तार

यह सप्ताह निवेशकों और खरीदारों के लिए खास होने वाला है। कल धनतेरस है और 4 नवंबर को दिवाली का शुभ मुहूर्त भी रहेगा। इस धनतेरस पर 19 साल बाद त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो तीन गुना फल देने वाला माना जा रहा है। निवेशकों को इस मुहूर्त का लाभ कैसे और कहां उठाना चाहिए, पूरा गणित समझाती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट—

सोने-चांदी, वाहन व जमीन में लगाएं पैसे
ससेंट कैपिटल के निवेश सलाहकार कार्तिक जावेरी का कहना है कि मंगलवार को धनतेरस के मौके पर आभूषण, सोने-चांदी, शेयर, वाहन और संपत्ति खरीदने में पैसे लगाना फलदाई होता है। इस बार त्रिपुष्कर योग के कारण निवेशकों को तीन गुना रिटर्न मिल सकता है।

ऐसे कई निवेश विकल्प हैं, जो आपको थोड़े समय में ही तीन गुना रिटर्न दिला सकते हैं। इस बार सोना पिछले साल से करीब 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ती है। कोरोना काल में संपत्ति की कीमतें भी ज्यादा नहीं बढ़ी हैं। ऐसे में जमीन या मकान खरीदकर भी पैसे बनाए जा सकते हैं। वाहन कंपनियां भी ग्राहकों को तमाम तरह की छूट दे रही हैं।

6:15से 7:15 बजे शाम तक मुहूर्त ट्रेडिंग होगी बीएसई-एनएसई पर

मुहूर्त कारोबार में कमाई का मौका
रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रहे शेयर बाजार में मुहूर्त कारोबार पर छोटे निवेशक अपने शेयरों के बेहतर दाम पा सकते हैं। इस दौरान बड़े निवेशक नफा-नुकसान की चिंता किए बिना शेयरों की खरीद करते हैं। ऐसे में शेयर निकलने वाले निवेशक अच्छी कीमत पा सकते हैं। इस साल मुहुर्त कारोबार शाम 6.15 से 7.15 बजे तक एक घंटे के लिए होगा। पहला ऑर्डर खरीदारी का दिया जाता है। शेयर बेचने वाले निवेशकों की मांग अधिक रहती है और वे बढ़कर भाव लगा सकते हैं। ऐसे में छोटे निवेशकों के पास शेयर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाने का मौका है।

नए निवेशक करें छोटी शुरुआत. नए निवेशकों के लिए यह सप्ताह बेहतर मौका है। आप हर महीने नियमित तौर एक छोटी राशि निवेश कर बड़ा फंड बना सकते हैं। शुरुआत में आप अपनी आमदनी का 10वां हिस्सा निवेश कर छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका सकते हैं। उसके बाद आमदनी जैसे-जैसे बढ़ती जाए, निवेश को भी बढ़ाते रहें।

डिजिटल गोल्ड. कम पैसे में शुद्ध सोना
डिजिटल गोल्ड में निवेश सबसे सस्ता विकल्प है। इसमें 1 रुपये से भी निवेश शुरू कर सकते हैं और आपको 24 कैरेट शुद्ध सोना मिलेगा। डिजिटल गोल्ड में निवेश पर विक्रेता कंपनी आपके खरीदे गए सोने को लॉकर में रख देती है और आपको निवेश के बदले खरीदारी रसीद दी जाती है। इस सोने पर छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका कीमतों में उतार-चढ़ाव की चिंता भी नहीं रहती है।


मुहूर्त पर ज्यादा रकम दांव पर लगाने से बचें
मुहूर्त कारोबार में सावधानी से निवेश करें। मिडकैप व स्मालकैप का प्रदर्शन बेहतर रहा है। छोटे निवेशक यहां पैसे लगा सकते हैं। निवेश की सोच के साथ बाजार में उतरने पर छोटे निवेशक बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। -बलवंत जैन, निवेश सलाहकार

शेयर बाजार में सुनामी

शेयर बाजार में सुनामी

शेयर बाजार बहुत संवेदनशील होता है, हर राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं का इस पर तुरन्त प्रभाव पड़ता है। निवेशक तुरन्त प्रतिक्रिया देते हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव को प्रभावित करते हैं। जब भी शेयर बाजार लगातर ऊपर चढ़ता है तो उसके साथ ही इसके किसी बुलबुले की तरह बैठने की आशंकाएं भी जन्म ले लेती हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी शेयर बाजार काे हमने लगातार चढ़ते देखा। सब हैरान थे कि जब महामारी से सभी बड़े देशों से लेकर छोटे देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई, बाजार भी ठप्प रहे लेकिन शेयर बाजार कैसे चढ़ रहा था। पिछले वर्ष भारतीय शेयर बाजार की हैसियत काफी बढ़ी।

2021 में बाजार पूंजीकरण के मामले में भारतीय शेयर बाजार ब्रिटेन से ज्यादा पीछे नहीं रहा। मार्किट कैप में 37 फीसदी बढ़ौतरी देखी गई। महामारी की शुरूआत में भारतीय शेयर बाजार में भी ​िगरावट आई थी लेकिन जल्द ही इसने रफ्तार पकड़ ली। पिछले वर्ष भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए मार्किट कैप के मामले में छठा स्थान हासिल कर लिया था। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बार-बार यह कहते हुए लोगों को आगाह कर रहे थे कि वास्तविक अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र में कोई तालमेल ​दिखाई नहीं दे रहा। फिर भी आम निवेशकों के लिए शेयर बाजार काफी आकर्षक बना रहा। अब पिछले लगातार 6 दिन से शेयर बाजार में सुनामी आई हुई है और निवेशकों को करोड़ों का घाटा हो चुका है। नामी-गिरामी कम्पनियों के शेयर गिरने से कम्पनियों का वित्तीय गणित भी गड़बड़ाया हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट के कारण घरेलू नहीं हैं। सोमवार को आई भारी गिरावट के बाद मंगलवार की सुबह भी शेयर डूबने शुरू हुए लेकिन कुछ देर बाद बाजार सम्भल गया। गिरावट के तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला तो यह है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के संकेत दिए हैं और दूसरा यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस में टकराव के चलते पैदा हुए युद्ध जैसे हालात के चलते भी विदेशी निवेशकों ने धड़ाधड़ भारतीय बाजार में बिकवाली की। अमेरिका के सैंट्रल बैंक फैडरल रिजर्व बैंक की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला ​लिया जा सकता है।

शेयर बाजार में गिरावट का एक और कारण कच्चे तेल के भावों में तेजी भी है। कच्चे तेलों का वायदा भाव 88.76 डालर प्रति बैरल पहुंच चुका है। 30 अक्तूबर, 2014 के बाद यानि 7 साल में यह सबसे ऊंचा स्तर है। चौथा बड़ा कारण कोरोना महामारी से जूझ रही विश्व अर्थव्यवस्था में महंगाई से हर कोई परेशान है। तेल की बढ़ती कीमतों ने उथल-पुथल मचा रखी है। लगातार बढ़ रही महंगाई बचत को प्रभावित करती है। शेयर बाजार सम्भावनाओं का खेल होता है। जब निवेशकों को लगता है कि उनका पैसा डूब रहा है या उन्हें कुछ ज्यादा लाभ नहीं हो रहा तो वह अपना धन निकालने लगते हैं। पिछले 6 दिनाें में भारत से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बाजार से 12 हजार करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग, सियोल, शिंघाई और टोकियो में भी शेयर बाजार नुक्सान में रहा है। रूस अमेरिका में टकराव पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर और देखने को मिल सकता है।

भारतीय बाजाराें की चाल वैश्विक संकेतों से ही तय होती है लेकिन इसके बाद केन्द्रीय बजट बाजार की दिशा तय करेगा। बाजार में बड़े खिलाड़ी तो प्रभावित होंगे ही लेकिन खुदरा निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका भी हो सकता है। बाजार ​िवशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा निवेशकों को कम कीमत पर मिल रहे शेयरों में निवेश करते रहना चाहिए। इससे उन्हें फायदा होगा। आम निवेशकों की नजर पेश किए जाने वाले आम बजट पर भी है। अगर बजट में आम आदमी को बड़ी राहत मिलती है तो भी वह बाजार की तरफ आकर्षित होंगे। किसी भी देश का शेयर बाजार इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था से लोगों को कितनी उम्मीदें हैं। अगर आम लोगों का भरोसा बढ़ता है तो ही शेयर बाजार की सूचीबद्ध कम्पनियों में निवेश बढ़ेगा। भारत में लगभग सूचीबद्ध कम्पनियों की संख्या 6000 के लगभग है और इनमें से 2000 के लगभग कम्पनियों पर ही लोग विश्वास करते हैं। एक अनुमान के अनुसार सूचीबद्ध छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका कम्पनियों में मुश्किल से 15-20 लाख लोग मालिकाना हक रखते होंगे। इसका मतलब यह है कि 1.35 अरब की विशाल आबादी वाले देश में शेयर बाजार पर 0.1 फीसदी लोगों की ही हिस्सेदारी है। छोटे निवेशकों को कभी ज्यादा फायदा नहीं मिलता। निवेशकों को 1992 का हर्षद मेहता घोटाला तो याद होगा जिसमें छोटे निवेशकों की पूरी की पूरी पूंजी डूब गई थी और अनेक लोग दिवालिया हो गए थे। इसलिए निवेशकों को बहुत सम्भल कर चलना होगा। बाजार के उतार-चढ़ावों के जोखिम को झेलने के लिए भी धन की आवश्यकता होती है। अब देखना होगा कि आने वाला बजट अर्थव्यवस्था के प्रति कितनी उम्मीदें पैदा करता है।

Best Stocks: ये 4 सस्ते शेयर कराएंगे बड़ी कमाई, निवेशकों को मिल सकता है 22-44% तक रिटर्न

Best Stocks to Buy: शेयर बाजार में जरूरी नहीं है कि सिर्फ नामी गिरामी कंपनियों के शेयर ही अच्छा रिटर्न दिला सकते हैं.

Best Stocks: ये 4 सस्ते शेयर कराएंगे बड़ी कमाई, निवेशकों को मिल सकता है 22-44% तक रिटर्न

Laxmi Organic Industries shares made a lukewarm listing on the stock exchanges today, buy managed to dodge the weak market sentiment.

Best Stocks to Buy for High Returns: शेयर बाजार में जरूरी नहीं है कि सिर्फ नामी गिरामी कंपनियों के शेयर ही अच्छा रिटर्न दिला सकते हैं. बाजार में ऐसे कई सस्ते शेयर मौजूद हैं, जिनके फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं. उन कंपनियों का बिजनेस बेहतर है और उनमें अच्छी अर्निंग की संभावनाएं बनी हुई हैं. अगर ऐसे शेयरों की पहचान हो जाए तो इनमें आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है. हाई वैल्युएशन के चलते एक्सपर्ट आगे बाजार में करेक्शन से इनकार नहीं कर रहे.

ऐसे दौर में अगर आप भी निवेश को लेकर कनफ्यूज हैं तो बेहतर है कि छोटी र​कम के साथ उन शेयरों में निवेश करें जो सस्ते हैं, साथ में उनके फंडामेंटल मजबूत नजर आ रहे हों. हमने यहां ऐसे ही 100 रुपये से सस्ते कुछ शेयर चुने हैं. इनके बेहतर ग्रोथ आउटलुक को देखकर एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउस भी इन्हें लेकर पॉजिटिव हैं. सस्ते शेयरों का फायदा यह भी होगा कि इस उतार चढ़ाव वाले बाजार में छोटे निवेशकों के लिए बाजार में अच्छा मौका इनकी कीमतों पर बहुत ज्यादा असर नहीं होगा. वहीं ग्रोथ होने पर अच्छा रिटर्न दे सकते हैं.

Welspun India

वेल्सपन इंडिया देश की लीडिंग टेक्सटाइल कंपनी है. टेरी टॉवल बनाने के मामले में यह एशिया की दूसरी बड़ी कंपनी है. कंपनी अपने होम टेक्सटाइल प्रोडक्ट का बड़ा हिस्सा अलग अलग देशों में एक्सपोर्ट करती है. वेल्सपन इंडिया में ब्रोकरेज हाउस शेयरखान ने निवेश की सलाह देते हुए लक्ष्य 90 रुपये रखा है. शेयर का करंट प्राइस 74 रुपये है. इस लिहाज से इसमें 22 फीसदी रिटर्न मिल सकता है. भारत का यूएस को टेरी टॉवल और बेड शीट एक्सपोर्ट जनवरी में 19 फीसदी और 47 फीसदी के हिसाब से बढ़ा है. लांग टर्म में कंपनी में अच्छभ् ग्रोथ दिख रही है. सरकार के PLI स्कीम का भी फायदा कंपनी को मिल सकता है. कंपनी का कर्ज कम हो रहा है. आगे मैनेजमेंट का ग्रोथ पर फोकस है.

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जमना ऑटो इंडस्ट्रीज

जमना ऑटो इंडस्ट्रीज ऑटोमोटिव सस्पेंशन प्रोडक्ट मसलन पैराबोलिक, टैपर्ड लीफ स्प्रिंग, लिफ्ट एक्सल और एयर सस्पेंशन बनाने वाली कंपनी है. कंपनी मुख्य तौर पर कमर्शियल व्हीकल सेग्मेंट में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) है. OEMs की डिमांड बढ़ने से कंपनी को फायदा हो रहा है. जमना आटो का डोमेस्टिक OEM सेग्मेंट में मार्केट शेयर 68 फीसदी है. कंपनी का क्लाइंट बेस मजबूत है. ब्रोकरेज हाउस दोलत कैपिटल ने शेयर में निवेश की सलाह देते हुए लक्ष्य 99 रुपये रखा है. शेयर का करंट प्राइस 69 रुपये है. इस लिहाज से इसमें 45 फीसदी रिटर्न मिल सकता है. ब्रोकरेज का मानना है कि FY21-23E के लिए कंपनी का रेवेन्यू और EBITDA 48 फीसदी और 57 फीसदी CAGR के हिसाब से ग्रोथ कर सकता है.

ब्रोकरेज हाउस जियोजीत ने NCC में निवेश की सलाह देते हुए लक्ष्य 120 रुपये तय किया है. शेयर के करंट प्राइस 87 रुपये के लिहाज से इसमें 38 फीसदी रिटर्न मिल सकता है. NCC देश की अच्छे तरह से डाइवर्सिफाइड बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी है, जिसका फूटहोल्ड कस्ट्रक्शन सेक्टर के हर सेग्मेंट में है. एनसीसी का प्रदर्शन दिसंबर तिमाही में मिला जुला रहा है. रेवेन्यू में सालाना आधार पर 9.4 फीसदी की गिरावट रही है. वहीं EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 67bps सुधरकर 12.5 फीसदी रहा है. आर्डरबुक मजबूत है और यह 39,182 करोड़ रुपये का है. कंपनी को कुछ नए आर्डर भी मिले हैं और कई पाइपलाइन में है. आगे कंपनी की अच्छी ग्रोथ दिख रही है.

अरविंद लिमिटेड

अरविंद लिमिटेड गुजरात बेस्ड टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. कंपनी कॉटन के शर्ट, डेनिम, निट्स और बॉटमवेट फैब्रिक्स बनाती है. ब्रोकरेज हाउस शेयरखान ने अरविंद लिमिटेड में निवेश की सलाह देते हुए लक्ष्य 95 रुपये तय किया है. करंट प्राइस के हिसाब से शेयर में 26 फीसदी रिटर्न मिल सकता है. लॉकडाउन के बाद कंपनी का ओवरआल बिजनेस दिसंबर तिमाही में गारमेंटिंग और डेनिम बिजनेस में 81 फीसदी और 89 फीसदी की रिकवरी दिखी है. टेक्सटाइल बिजनेस का मार्जिन 12.5 फीसदी हो गया है.

(नोट: हमने यहां जानकारी ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट के आधार पर दी है. शेयर बाजार के जोखिम को देखते हुए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें.)

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